Breaking News
  • By: Admin
  • Posted On:
  • 11-Mar-2018
  • 135


एक बार की बात है एक प्यार करने वाले से पूछा गया  कि प्यार क्या होता है और जब प्यार हो जाता है तो कैसा लगता है। इसपर उसने जबाब दिया कि प्यार गेहूं की तरह बंद है, अगर पीस दें तो उजला हो जाएगा, पानी के साथ गूँथ लो तो लचीला हो जाएगा... बस यह लचीलापन ही प्यार है, लचीलापन पूरी तरह समर्पण से आता है, जहाँ न कोई सीमा है न शर्त। प्यार एक एहसास है, भावना है। प्रेम परंपराएँ तोड़ता है। प्यार त्याग व समरसता का नाम है । प्रेम की अभिव्यक्ति आँखों से होती है और फिर धीरे-धीरे होंठ हाले दिल बयाँ करते है। शयद आपको पता भी नहीं चले कि  ये प्यार कब, कैसे और कहां हो जाए।

सच तो ये है कि प्यार को शब्दों में बयां किया ही नहीं जा सकता है। और जो शब्दों में बयां नहीं हो सके उसकी परिभाषा भी गढ़ना आसान नहीं है। प्यार को सिर्फ महसूस किया जा सकता है। प्यार एक खूबसूरत एहसास है जो दो लोगों को आपस में जोड़ता है। ये एक ऐसा बंधन है जो न सिर्फ दो लोगों को मिलाता है बल्कि दो लोगों को रूह की गहराई से बांध देता है। व्यार सिर्फ दिल की आवाज सुनता है । दिल की धड़कों को महसूस करता है। प्यार एक समर्पण  है जिसमें इंसान अपने प्यार के लिए पूरी तरह समर्पित हो जाता है।

मेरा मानना है कि प्यार सिर्फ प्रेमी प्रेमिकाओं तक सीमित नहीं है। प्यार किसी  भी इंसान को किसी के प्रति हो सकता है। प्यार किसी को भी किसी से भी किसी भी उम्र में और कहीं भी हो सकता है।प्यार धर्म, जाति, रंग, रूप, अमीरी, गरीबी से बहुत दूर होता है। प्यार इंसान को जिंदादिल बनाता है। प्यार इंसान को जिम्मेदार बनाता है। प्यार इंसान के जीवन में खुशियां लेकर आता है।प्यार में हर चीज खूबसूरत लगने लगता है। प्यार जिंदगी जीने का नजरिया बदल देता है।

अंजू पारवानी
ग्वालियर


Virus-free. www.avast.com