• Posted by admin on Date Jul 19, 2018
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    मध्यप्रदेश पीएससी मुख्य परीक्षा पर गहराया संकट, 23 को सरकारी कॉलेज के प्रोफेसर सामूहिक अवकास पर

    इंदौर

    मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग की ओऱ से राज्यसेवा मुख्य़ परीक्षा का आयोजन 23 जुलाई से होने जा रहा है। लेकिन परीक्षा से पहले ही इसपर ग्रहण लगता नजर आ रहा है। दरअसल सातवें वेतनमान की मांग लेकर सरकारी कॉलेजों के लगभग सभी प्रोफेसरों ने 23 जुलाई को सामूहिक अवकाश का ऐलान किया है। इससे राज्यसेवा मुख्य परीक्षा-2018 पर असर पड़ता दिख रहा है। आपको बता दूं की मप्र लोकसेवा आयोग (पीएससी) ने राज्यसेवा प्रारंभिक परीक्षा-2018 का नतीजा 18 फऱवरी को जारी किया था जिसमें 4907 उम्मीदवारों को सफल घोषित किया गया है। प्रारंभिक परीक्षा में सफल घोषित उम्मीदवार मुख्य परीक्षा के लिए बिलकुल तैयार थे लेकिन शिक्षक की सामूहिक अवकाश से अभ्यार्थियों चिंतित है।

    पीएससी मुख्य परीक्षा का दौर 23 जुलाई से ही शुरू होगा। इसी दिन छुट्टी लेकर सभी प्रोफेसर भोपाल पहुंचकर सचिवालय का घेराव करेंगे। शासकीय कॉलेज प्राध्यापक संघ के मुताबिक प्रदेश के साढ़े चार हजार प्रोफेसर इसमें शामिल होंगे। इससे पहले बुधवार को संभाग मुख्यालयों पर कमिश्नर को ज्ञापन देंगे।

    प्राध्यापक संघ के राज्य सचिव डॉ. सुरेश टी सिलावट के मुताबिक प्रोफेसर को लेकर सरकार का पक्षपातपूर्ण रवैया है। प्रदेश के सभी विश्वविद्यालयों के प्रोफेसर भी हमारे साथ हैं। इधर, पीएससी की राज्यसेवा परीक्षा के प्रदेशभर के संभाग मुख्यालयों पर सरकारी कॉलेजों को केंद्र बनाया गया है।

    इस लिखित परीक्षा में परीक्षक से केंद्राध्यक्ष तक के रूप में सरकारी कॉलेज के प्रोफेसरों को ही ड्यूटी करना है। पीएससी अधिकारियों का कहना है कि अब तक उन्हें सामूहिक अवकाश को लेकर कोई लिखित सूचना या केंद्रों से जानकारी नहीं मिली है।

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