• Posted by admin on Date Aug 27, 2018
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    Homeopathy : करियर को दे एक नई उड़ान

    career and scope in homeopathic

    एलोपैथी और आयुर्वेद के बाद होमयोपैथी तीसरी सर्वाधिक चिकित्सा पद्धति है, जिसमें करियर के अनगिनत विकल्प मौजूद है।

    योग्यता और कोर्स

    बैचलर ऑफ होमियोपैथिक मेडिसिन एंड सर्जरी(बीएचएमएएस) :होमियोपैथिक मेडिसिन एंड सर्जरी में बैचलर  डिग्री के लिए बायो स्ट्रीम से बारहवीं पास होना आवश्यक है। इस कोर्स में एडमिशन होना ऑल इंडिया कॉमन एंट्रेस टेस्ट के माध्यम से होता है। इसके साथ ही राज्य स्तर पर भी परीक्षाएं ली जाती है।

    कोई की अवधि– साढ़े पांच वर्ष है, जिसमें छह महीने का इंटर्नशिप शामिल है।

    रोजगार के अवसर

    अस्पताल और कॉलेज में मौके

    सरकारी या प्राइवेट अस्पताल में होमियोपैथी डॉक्टर के रूप में नौकरी कर सकते है। शोध संस्था एनजीओ और हेल्थ सेंटर सहित मेडिकल कॉलेजों में नौकरी की जा सकती  है।शुरूआत में मासिक आय 25 से 30 हजार रूपए होती है।

    होमियोपैथी दवाओं के स्टोर या क्लिनिक

    बीएचएमसी डिग्री होने पर होमियोपैथिक दवाओं का स्टोर या क्लिनिक भी खोला जा सकता है। होमियोपैथिक डॉक्टर के रूप में प्रैक्टिस भी की जा सकती है। प्राइवेट प्रैक्टिस करने वाले होमियोपैथिक डॉक्टर को शुरूआत में काफी संघर्ष करना पड़ता है। मगर सफलता जरूर मिलती है। इसके अलावा अगर कुछ वर्षों के अनुभव के बाद फार्मेंसी भी खोली जा सकती है।

    फार्मास्यूटिकल कंपनी में पाए जॉब

    दवा बनाने वाली कंपनियां होमियोपैथि में बैचलर डिग्री करने वाले युवाओं को ऊंचे पैकेज पर नियुक्त करती है।

    टीचिंग प्रोफेशनल- होमियोपैथी में उच्च शिक्षा प्राप्त कर टीचिंह प्रोफेशनल के तौर पर भी करियर बना सकते है।

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