• Posted by admin on Date Oct 27, 2018
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    इन कोर्स को पूरा कर आप भी मेडिकल के क्षेत्र में कर सकते हैं प्रवेश

    career in preventive healthcare

    यदि आप तकनीकी रूप से मेडिकल का क्षेत्र छोड़ दें तो इश क्षेत्र में कई ऐसे विभाग है , जिनसे जुड़कर आप अभी भी मेडिकल के क्षेत्र में प्रवेश करने का अपना सपना पूरी कर सकती है। आप डिप्लोमा इन प्रिवेटिंव हेल्थ केयर,Hospital Administration   या फिर डाइटिशियन बन सकती है।

    डिप्लोमा इन प्रिवेटिंव हेल्थ केयर

    किसी भी विषय के स्नातक के लिए यह एक वर्षीय पाठ्यक्रम काफी आकर्षक है। इस पाठ्यक्रम के अंतर्गत आपको यह बताया जाता है कि किसी मरीज को खानपान से होने वाली बीमारियों से कैसे बचाना है। इसके तहत बताया जाता है है कि मोटापा, रोजाना के लाइफ स्टाइल से होने वाली बीमरियों , डिप्रेशन और इनसे मिलती-जुलती किसी भी गलत जीवनशैली से होने वाली बीमारियों से कैसे बचना है। योग भी इस कार्यक्रम का हिस्सा है।

    हॉस्पिटल एडमिनिस्ट्रेशन (Hospital Administration)

    देश में मेडिकल सेवाएं काफी हद तक निजी अस्पतालों औऱ नर्सिंग होम के उपर नर्भर है। इन मेजिरल सेंटर्स को चलाने के लिए अकसर ऐसे लोगों को खोजा जाता है जो अस्पताल के प्रबंधन को संभालने की जानकारी रखते हैं। आप हॉस्पिटल मैनेजमेंट कोर्स को पूरा करके इन नियुक्तियों के लिए आवेदन कर सकते है। कुल मिलाकर यह कहा जा सकता है कि एक अच्छे हॉस्पिटल मैनेजमेंट प्रशिक्षित युवा के लिए इस क्षेत्र में रोजगार की भरमार है।

    आप किसी भी विषय से स्नातक करने के बाग इन कोर्स में दाखिला ले सकते है। एक वर्षीय पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा इन हॉस्पिटल मैनेजमेंट, दो वर्षीय एमबीए- स्पेशलाइजेशन इन हॉस्पिटल मैनेजमेंट या हॉस्पिटल एडमिनिस्ट्रेशन और दो वर्षीय एमएचए यानी मास्टर्स इन हॉस्पिटल एडमिनिस्ट्रेशन। कोर्स चुनते समय इस बात का ध्यान रखें कि आपके पाठ्यक्रम में इंटर्नशिप भी शामिल होनी चाहिए।

    डायटीशियन ( dietitian)

    हर सरकारी- गैर सरकारी अस्पतालो व नर्सिंग होम, फइटनेस सेंटर, रेजिडेंशियल स्कूल- कॉलेज, क्लब , रेस्तरां व होटल से लेकर फूड प्रोसेसिंग यूनिट्स तक आपको बड़ी संख्या में डायटीशियन मिल जाएंगी। लोगों की खानपान की आदत के कारण उनका स्वास्थ्य ठीक नहीं रहता , ऐसे में डाइटीशियन की मांग और महत्व में हाल के वर्षों में काफी इजाफा हुआ है।

    पाठ्यक्रम में प्रवेश के लिए बारहवी के बाद बीएससी होमसाइंस डिग्री पाठयक्रम पूरा करें। इसके बाद एख वर्षीय न्यूट्रिशन एंड डाइटेटिक्स कोर्स आपको डायीटिशयन के रुप में प्रोफेनल के तौर पर स्थापित करेंगा।

    इस क्षेत्र में औसत से बेहतर करने के लिए आपको फूड कैलरी मेजमेंट्स की अपटूडेट जानकारी होनी चाहिए। आफकी कम्युनिकेशन स्किल्स भी अच्छी होनी चाहिए ताकि आप मरीज की वास्तविर आवश्यकताओं को समझते

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