• Posted by admin on Date Oct 29, 2018
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    Career in Medical Science : जोड़ें रिस्पेक्टेबल प्रोफेशन से नाता

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    मेडिकल साइंस में करियर ( Career in Medical Science) बनाने में इंटरेस्टेड ज्यादातर स्टूडेंट्स प्रोफेशनल प्रैक्टिस करने के लिए अंडरग्रेजुएट मेडिकल प्रोग्राम में एडमिशन लेने पर ही फोकस करते है।जबकि इस फील्ड में रिसर्च से लेकर फार्मेसी और पैरामेडिकल तक कई अवसर मौजूद है।अगर आप मेडिकल स्टूडेंट्स है और इस फील्ड में करियर बनाना चाहते है तो आपको हम मेडिकल फील्ड के कुछ बेहतर करियर ऑप्शंस के बारे में बता रहा है।

    Career in Medical Science एमबीबीए कोर्स

    एमबीबीएस मेडिकल प्रैक्टिस के लिए किया जाने वाला अंडरग्रेजुएट डिग्री प्रोग्राम यानी कि बेसिक कोर्स है। इसमें एडमिशन लेने के लिए कैंडीडेट्स को नीट एग्जाम क्वॉलिफाई करना होता है। एग्जाम में प्राप्त रैंक के अनुसार उन्हे कॉलेज अलॉट किया जाता है। इस कोर्स की ड्यूरेशन 5 साल है, जिसे कंप्लीट करने के बाग एस्पिरेंट्स अपने नाम के आगे डॉ.लगा सकता है।

    एमएस और एमडी कोर्स

    एमएस यानी मास्टर्स इन जनरल सर्जरी और एमडी यानी मास्टर्स इन जनरल मेडिसिन यह दोनो ही पोस्ट ग्रेजुएट कोर्सेस हैं जिनमें एडमिशन लेने के लिए एमबीबीएस होना जरूरी है। अगर आप आगे जाकर सर्जन बनना चाहते है जो एमएस में एडमिशन लें और जनरल फिजीशियन बनना चाहते है तो एमडी करें।

    Career in Medical Science डेंटिस्ट्री (बैचलर ऑफ डेंटल सर्जरी)

    ओरल हेल्थ को लेकर बढ़ती अवेयरनेस और ओरल पैथोलॉजी, पीरियोडॉन्टिक्स व ऑर्थोडॉन्टिक्स जैसी नई फील्डेस के आने से डेंटल साइंसेज में स्कोप पहले की अपेक्षा काफी बढ़ा है। यही कारण है कि आज यह सबसे डिजायरेबल फोफेशन्स में से एक है। इस फील्ड में करियर बनाने के लिए एस्पिरेंट्स को बीडीएस कोर्स में एडमिशन लेना होता है। एमबीबीएस की तरह ही बीडीएस में भी एडमिशन नीट एग्जाम के जरिए मिलता है।

    Career in Medical Science पैरामेडिकल कोर्सेज

    यह ब्रांच मेडिकल साइंस की सबसे इंपार्टेट ब्रांच है और इसमें काम करने वाले ट्रेंड मेडिकल प्रोफेशनल्स को पैरामेडिक्स कहा जाता है। इन प्रोफेशनल्स पर ब्लड टेस्ट, एक्स रे, एमआरआई, सिटी स्कैन, अल्ट्रासाउंड आदि के जरिए डिजीजेस को प्रॉपर्ली डायग्नोस करने की जिम्मेदारी होती है। इस फील्ड में आने के लिए आप अलग-अलग ब्रांच जैसे- डायलेसिस थेरेपी , रेडियोग्राफी, क्रिटिकल केयर टेक्नोलॉजी, फिजियोथेरेपी आदि

    बैचलर्स इन फार्मेंसी

    जिन कैंडीडेट्स को रिसर्च , टेक्नोलॉजी, हेल्थकेयर , केमिस्ट्री और मेडिकल ड्रग्स में इंटरेस्ट है उनके लिए यह ऑप्शन एप्रोप्रिएट है क्योकि बैचलर्स इन फार्मेसी में आपको मेडिकल ड्रग्स के डिस्ट्रीब्यूशन के साथ साथ मडिसिनल मेन्युफैक्चिरिंग और क्लिनिकल रिसर्च के बारे में भी पढ़ाया जाता है।

    नर्सिंग में ग्रेजुएशन

    नर्सिंग प्रोफेशन को लेकर हमारी समझ बेहद सीमित है कि नर्सेज सिर्फ पेशेंट्स की देखभाल करती है, जबकि सच यह है कि आज इस प्रोफेशन से दूसरे अवसर भी जुड़ चुके हैं जैसे टीचिंग, एडमिनिस्ट्रेशन और रिसर्च जॉब्स। इस प्रोफेशन में आने के लिए एस्पिरेंट्स बीएससी नर्सिंग का तीन साल का कोर्स कर सकते हैं। इसके बाद इंटरेस्टेड एस्पिरेंट्स पोस्ट बेसिक स्पेशलिटी कोर्स भी कर सकते हैं जो कि एख साल का डिप्लोमा कोर्स है.।

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