• Posted by admin on Date Oct 3, 2018
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    कॉमर्स के कुछ ऑफबीट कोर्सेज

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    Career in Commerce : परंपरागत तौर पर कॉमर्स स्ट्रीम के युवाओं द्वारा चार्टर्ड एकाउंटेंसी अथवा कंपनी सेक्रेटरीशिप जैसे कोर्स के आधार पर भविष्य संवारने का लक्ष्य तय किया जाता है। यहां यह बताना प्रासंगिक होगी कि कॉमर्स से जुड़़े कई महत्वपूर्ण विषय है, जिनमें स्पेशलाइजेशन कर भावी करियर बनाया जा सकता है।

    कॉमर्स कार्यक्षेत्र का परिदृथ्य (Career in Commerce)

    कॉमर्स स्ट्रीम में फाइनेंस, टैक्सेशन, अकाउंटिंग, लॉ, ऑडिटिंग , मैनेजमेंट, इंवेस्टिंग,इंश्योरेंस, इंवेस्टमेंट बैंकिंग, जनरल बैंकिंग जैसे क्षेत्र सम्मिलित हैं। उपरोक्त विषयों की सूची से यह समझना मुश्किल नहीं है कि कॉमर्स के जरिए और किस तरह से वैकल्पिक जॉब्स के अवसर तलाशे जा सकते है। आईए एक नजर डालें करियर निर्माण में उपयोगी कुछ अलग तरह के कॉमर्स आधारित कोर्सेज के बारे में

     बैचलर ऑफ बिजनेस स्टडीज

    ग्रेजुएशन स्तर पर तीन वर्षीय इस कोर्स का उद्देश्य शुरूआती स्तर पर ही युवाओं में मैनेजमेंट की स्किल्स का विकास करना है। पहले पोस्ट ग्रेजुएशन में ही एमबीए, पीजी डिप्लोमा इन मैनेजमेंट जैसे कोर्सेज थे पर अब दिल्ली यूनिवर्सिटी के  कॉलेजों सहित अन्य यूनिवर्सिटी में यह कोर्स उपलब्ध है।

    बीए (ऑनर्स) इकोनॉमिक्स

    यह कोर्स अर्थव्यवस्था के विभिन्न आयामों के जानकारी देने के साथ छात्रों को फाइनेशियल एनालिसिस के टूल्स इस्तेमाल करने का कौशल सिखाता है। इसमें इकोनॉमिक्स , इंटरनेशनल ट्रेड, पब्लिक फाइनेंस आदि पर आधारित पेपर्स पढ़ाए जाते हैं। देश की तमाम यूनिवर्सिटीज में यह कोर्स संचालित किया जाता है।

    बैचलर ऑफ एक्चूरियल साइंस

    इस कोर्स के सिलेबस में मैथ्स और स्टेस्टिक्स के उपयोग से इंश्योरेंस एवं फाइनेंस सेक्टर के जोखिम का विश्लेषण करने पर आधारित ट्रेनिंग दी जाती है। चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी, गोवा यूनिवर्सिटी आदि में यह कोर्स है।

    कॉस्ट एंड मैनेजमेंट अकाउंटेंसी

    यह इंस्टीट्यूट ऑफ कॉस्ट एंड अकाउंटेंट ऑफ इंडिया द्वारा संचालित किया जाता है। अधिक जानकारी के लिए  संस्थान की वेबसाइट www.icmai.in से प्राप्त कर सकते है।

     बैचलर ऑफ बिजनेस एंड फाइनेशियल एनालिसिस

    यह तीन वर्षीय कोर्स दिल्ली यूनिवर्सिटी के शहीद सुखदेव कॉलेज ऑफ बिजनेस स्टडीज में उपलब्ध है। इसमें एडमिशन चयन परीक्षा के माध्यम से होता है।

    बैचलर ऑफ बैंकिंग स्टडीज

    दिल्ली यूनिवर्सिटी के दीनदयाल उपाध्याय कॉलेज  सहित अन्य कॉलेजों में यह कोर्स उपलब्ध है। इसे करने के बाद बैंकिंग और फाइनेस से जुड़ी क्षेत्रों में जॉब्स मिल सकती है। हालांकि बेहतर तो यही रहेगी कि करियर की ऊंचाइयोंम को छूने के लिए मास्टर्स भी इसी विषय में करें।

    बैचलर ऑफ बिजनेस इकोनॉमिक्स

    कॉपोरेट क्षेत्र में मैनेजमेंट स्तर तक पहुंचने में इस कोर्स का बैकग्राउंड काफी उपयोगी सिद्ध हो सकता है। दिल्ली यूनिवर्सिटी के आठ से अधिक कॉलेजों  सहित देश के कई अन्य यूनिवर्सिटी में भी यह कोर्स अवेलेवल है।

    बीकॉम एलएलबी

    इस कोर्स में कॉमर्स के साथ लॉ की भी पढ़ाई का समन्वयन है। बाद मेम कॉपोरेट, टेक्सेशन, लॉयर बनने में यह मददगार हो सकता है। फिलहाल पाइवेट यूनिवर्सिटी द्वारा यह कोर्स संचालित किया जा रहा है।

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