• Posted by admin on Date Oct 26, 2018
    59 Views No Comments

    Career in Physics : फिजिक्स के इन शाखाएं में है करियर के असीम संभावनाएं

    career in biophysics

    फिजिक्स रहस्यों का विज्ञान है, लेकिन इसमें करियर की संभावनाएं (Career in Physics ) उतनी ही आसान है। इसमे हर छोटी -छोटी चीज को बारिकी से समझने व परखने का मौका मिलता है।आईए जानते है फिजिक्स के क्षेत्र(Career in Physics) कितने विकल्प मौजूद है। इसके विकल्पों के बारे में जानने के साथ साथ इनकी शाखाओं के बारे में भी जानना जरूरी है।

    एस्ट्रोफिजिक्स- यह एस्ट्रोनॉमी की एक शाखा है, जिसके अंतर्गत फिजिक्स का सर्वत्र अध्ययन किया जाता है। इसके साथ ही इसमें स्पेक्ट्रोस्कोपी, फोटोमेट्री, कॉस्मोलॉजी आदि के बारे में बताया जाता है।

    बायोफिजिक्स– इस शाखा के अंतर्गत प्रमुख विधियों के प्रयोग के बारे में विस्तार से समझा जा सकता है। थ्योरी पर खास फोकस किया जाता है। फिजिकल साइंस के जरिए जैविक संरचना की जानकारी मिलती है।

    फ्लूइड फिजिक्स- यह फिजिक्स की एक ऐसी शाखा है जिसके अंतर्गत फ्लूइड के व्यवहार का अध्ययन किया जाता है। इसके जरिए प्राकृतिक व औद्योगिक क्रियाओं को समझने , नियंत्रित करने में मदद मिलता है।

    ऑप्टिकल फिजिक्स- इसके जरिए लाइट व विजन के बारे में समझा जा सकता है। खासकर इलेक्ट्रो मैग्नेटिक रेडिएशन, एक्सरे, माइक्रोवेब आदि के बारे में स्टूडेंट्स हर बारिकि से अवगत होते है।

    जियो फिजिक्स- यह फिजिक्स की एक ऐसी शाखा है जिसके अंतर्गत फिजिकल तरीके से पृथ्वी का अध्ययन किया जा सकता है। यह मुख्यत सिस्मोलॉजी, हाइड्रोलॉजी, एटमॉस्फेरिक हाइड्रोलॉजी आदि के बारे में बताया जाता है।

    मैटेरियल साइंस- इसके अंतर्गत प्रमुख रास्तों से जैसे बल, ऊष्मा, प्रकाश, मशईन आदि के आने वाले मैटीरियल का अध्ययन किया जाता है। इसमें केमिस्ट्री, सॉलिड मैकनिक आदि के बारे में जानकारी मिलती है।

    मेडिकल फिजिक्स- इसके अंतर्गत फिजिक्स के सिद्वांतों, दवाओ की थ्योरी व विधि, दवाओं का असर बढ़ाने में फिजिक्स की भूमिका , रेडियोलॉजी, न्यूक्लियर अल्ट्रासाउंड मैग्नेटिक आदि के बारें में बताया जाता है।

    मॉलिक्यूलर फिजिक्स- इसमें मॉलिक्यूल्स की प्रॉपर्टी, केमिकल बॉन्ड्स, मॉलिक्यूलर डायनैमिक आदि का अध्ययन होता है। इसमें एटॉमिक फिजिक्स, मॉलिक्यूलर के व्यवहार व संरचना के बारे में बताया जाता है।

    न्यूक्लियर फिजिक्स- इसमें मुख्यता एस्ट्रोफिजिक्स, स्पेस फिजिक्स, गैस डिस्चार्ज आदि की आधारभूत जानकारियां के बारे में पढ़ाया जाएगा।

    ये भी पढ़ें

    Higher education in New Zealand: क्वालिटी एजुकेशन से नो कम्प्रोमाइज

    10+2 के बाद करें बीएड इंटिग्रेटेड कोर्स

    तो मिल सकती है फेसबुक में नौकरी !

    Higher Education in Singapore : बेस्ट फॉरेन एजुकेशनल डेस्टिनेशन फॉर इंडियन

  • Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *