• Posted by admin on Date Sep 6, 2018
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    जेईई एग्जाम में हुए बदलाव,पर्सेटाइल के आधार पर जारी होगी रैंकिंग

    cat exam rule

    आईआईटी के साथ सभी इंजीनियरिंग संस्थान में एडमिशन के लिए होने वाले ज्वाइंट एंट्रेंस एग्जामिनेशन में दो बड़े बदलाव किए गए है। अभी तक एग्जाम में प्राप्त मार्क्स के आधार पर अभ्यार्थी की रैंकिंग जारी कर दी जाती थी लेकिन अब स्टूडेंट्स के पर्सेटाइल के आधार पर रैंकिंग जारी होगी। वही दूसरी बदलाव की बात करें दो अगले साल से परीक्षा कंप्यूटर आधारित होगी और नेशनल टेस्टिंग एजेंसी साल में दो बार जेईई एग्जाम कंडक्ट करेगी। परीक्षा कई दिनों तक चलेगी और हर दिन में कई सत्र होंगे।

    परीक्षा का माध्यम और फॉर्मेट
    साल 2019 में होने वाले जेईई मेन एग्जाम कंप्यूटर बेस्ड होगा। अभ्यार्थी के पास दोनों में से एक या फिऱ दोनों बार एग्जाम में बैठने का विकल्प खुला होगा। ये एग्जाम 14 दिनों से विभिन्न सत्रों में आयोजित होगी। इस तरह की व्यवस्था परीक्षा के दौरान धोखाधड़ी और गड़बड़ी को काफी हद तक रोकने के उद्देश्य से की गई है।

    परीक्षा के फार्मेट के बारे में बताते हुए एनटीए के एक अधिकारी ने बताया, ‘हर सेशन में छात्रों को सवालों के अलग सेट्स मिलेंगे। उन्होंने बताया कि यह कोशिश रहेगी कि सभी सत्रों के क्वेस्चन पेपर में बराबर कठिनाई स्तर वाले सवाल पूछे जाएं लेकिन किसी सत्र का क्वेस्चन पेपर ज्यादा कठिन तो किसी सेशन का पेपर थोड़ा आसान हो सकता है। प्रश्नपत्रों में कठिनाई के स्तर से निपटने के लिए यह व्यवस्था की गई है कि प्रत्येक सेशन का पर्सेंटाइल स्कोर उस खास सेशन में छात्रों के प्रदर्शन के अनुसार होगा।’

    रैंकिंग सिस्टम
    जेईई मेन में छात्रों की रैंकिंग के लिए एनटीए स्कोर का सहारा लिया जाएगा। एनटीए स्कोर सभी चरणों में आयोजित परीक्षा के पर्सेंटाइल स्कोर को जोड़कर निकाला जाएगा। पहले सभी सेशन का अलग-अलग पर्सेंटाइल स्कोर निकाला जाएगा। फिर उन पर्सेंटाइल स्कोर को एक साथ मिलाकर ओवरऑल मेरिट और रैंकिंग तैयार की जाएंगी। अगर दो या उससे ज्यादा कैंडिडेट्स का बराबर पर्सेंटाइल हुआ तो जिस कैंडिडेट का मैथ, फीजिक्स, केमिस्ट्री में ज्यादा पर्सेंटाइल होगा, उसका पर्सेंटाइल ज्यादा माना जाएगा।

    उम्र भी तय करेगी रैंकिंग
    अगर मैथ्स, फीजिक्स, केमिस्ट्री के पर्सेंटाइल के बाद भी ओवरऑल पर्सेंटाइल बराबर रहा तो जिस कैंडिडेट की उम्र ज्यादा होगी, उसका पर्सेंटाइल ज्यादा माना जाएगा। फिर भी पर्सेंटाइल टाई रहा तो जॉइंट रैंकिंग दी जाएगी।

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