• Posted by admin on Date Aug 31, 2018
    149 Views No Comments

    देश के कॉलेजों में 80 हजार शिक्षक फर्जी, बाहर निकाने के दिए निर्देश

    नई दिल्ली

    यूनिवर्सिटी ग्रांट कमिशन(यूजीसी ) के अनुसार राज्य स्तरीय व निजी विश्वविद्यालयों में करीब 80 हजार ऐसे शिक्षक है जो सिर्फ कागजों पर ही काम कर रहे है। ये फर्जी शिक्षक बनावटी आधार पर एजुकेशनल संस्थानों में पूर्णकालिक शिक्षकों के तौर पर काम कर रहे हैं।

    न्यूज एजेंसी भाषा के मुताबिक, साल 2016-17 के सर्वे से सामने आए आंकड़ों के आधार पर राज्य और निजी विश्वविद्यालयों के उच्च शिक्षण संस्थानों में जगह पाए इन प्रतिनिधि शिक्षकों को निकाल बाहर करने के लिए राज्यों को स्पष्ट निर्देश दे दिए गए हैं। यह जानकारी विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के चेयरमैन प्रो. धीरेंद्र पाल सिंह ने यहां दी। वह पं. दीनदयाल उपाध्याय पशुचिकित्सा विज्ञान विवि एवं गौ अनुसंधान संस्थान के आठवें दीक्षांत समारोह में मुख्य अतिथि के तौर पर मौजूद थे।

    एक सवाल के जवाब में उन्होंने भाषा को बताया, यह सही है कि जिस प्रकार अब तक प्राथमिक एवं माध्यमिक शिक्षण संस्थाओं में फर्जी शिक्षकों की भर्ती की शिकायतें मिलती रही हैं, उसी प्रकार उच्च शिक्षा में भी अखिल भारतीय उच्चतर शिक्षा सर्वेक्षण 2016-17 में 80 हजार से अधिक प्रॉक्सी टीचर्स की जानकारी सामने आई है।

    उन्होंने बताया, इनसे मुक्ति के लिए राज्यों को एक विशेष निर्देश जारी कर उनके आधार कार्ड आदि ठोस पहचान पत्रों के आधार पर उनकी पहचान कर सिस्टम से निकाल बाहर करने को कहा गया है। उनके इस जवाब की पुष्टि राज्यपाल राम नाईक ने भी मीडिया से बातचीत में की है। उन्होंने माना कि ऐसा पाया गया है कि निचली कक्षाओं के समान ही अब उच्च शिक्षण संस्थानों में भी बड़ी संख्या में शिक्षक गलत तरीके अपनाकर जगह पा गए हैं। लेकिन अब सरकार उन सबके खिलाफ कड़ी कार्यवाही करने जा रही है।

    ये भी पढ़ें

    NIOS ने जारी किया D.El.Ed 2018 का एग्जाम रिजल्ट, यहां देखें

    गार्गी कॉलेज में आयुर्वेद और योग पर छह महीन का सर्टिफिकेट कोर्स शुरू

    SSC 2017 के सीजीएल व सीएचएसएल के रिजल्ट पर लगाई रोक

    इम्बाइब सीईओ अदिति युवाओं को दिखा रही सफलता की राह

  • Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *